Independence Day 2017 Speech

गणतंत्र दिवस के अवसर पर

माननीया डॉ. (श्रीमती) मृदुला सिन्हा, राज्यपाल, गोवा का संदेश

मेरे प्रिय नागरिकों,

गणतंत्र दिवस के पावन एवं महत्वपूर्ण अवसर पर आप सभी को शुभकामनाएँ देते एवं हार्दिक अभिनंदन करते हुए मुझे अतीव प्रसन्नता हो रही है

हमसब जानते हैं, आज ही के दिन सन् 1950 में आजाद भारत ने एक नया संविधान अपनाकर स्वयं को एक धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी और लोकतंत्र के रूप में स्थापित किया।

आज ही के दिन अपनाया गया भारतीय संविधान, नागरिकों की आकाँक्षाओं और आशाओं को दर्शाता है। मैं आप लोगों को याद दिलाना चाहूंगी कि संविधान केवल आपको मौलिक अधिकार प्रदान करता है, बल्कि आपकी मौलिक जिम्मेदारियों और कर्तव्यों की भी अपेक्षा रखता है। जितना महत्त्वपूर्ण अपने अधिकारों की रक्षा करना है, उतना ही महत्त्वपूर्ण है प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों को समझकर उनका पालन भी करे। तभी हमारा राष्ट्र उन्नत होगा और सामाजिक आर्थिक संभाव संभव हो पाएगा। मैं अधिकार प्राप्ति के लिए नागरिकों को एक सूत्र देती आई हूँ - ‘‘कत्र्तव्य की लागत लगाकर अधिकार अर्जित करें।’’ वह अधिकार पारिवारिक हो या संवैधानिक।

देवियों और सज्जनों:

आज इस ऐतिहासिक दिन पर हम अपने पूर्वजों और स्वंत्रता सेनानियों के संघर्षों और बलिदानों को स्मरण करते हैं, जिनके त्याग, तपस्या और बलिदान के कारण हम सदियों पुराने विदेशी शासन से मुक्त हो पाए और देश एक समृद्ध लोकतंत्र के रूप में आज प्रगति और समृद्धि के लिए स्वतंत्र रूप से अग्रसर हैं। आइये आज हम अपने उन सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करें, जो निर्भीक होकर देश की स्वंतंत्रता के लिए लड़े और विजयी हुए। हमसब मिलकर संविधान के निर्माताओं को श्रद्धांजलि दें, जिन्हांेने हमें सार्वभौमिक संविधान दिया, जो सभी नागरिको की स्वंत्रता, न्याय, समानता और बंधुत्व भाव की सुरक्षा करता है।

मित्रों:

गोवा राज्य में संवैधानिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए मैंने 19 जनवरी, 2018 से 25 जनवरी, 2018 तक ‘‘संवैधानिक सप्ताह’’ के रूप में मनाए जाने का प्रस्ताव रखा। भारतीय संविधान भारत के लोगों के अधिकारों और आकांक्षाओं का संरक्षक है। इसीलिए मैंने सोचा कि संविधान को जनता तक सहज भाषा में पहुँचाना चाहिए, जिससे वे उसके महत्त्व को सरलता से समझ पाएँ और उन्हें एक जागरूक सक्रिय नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया जा सके। मुझे बहुत आनंद की अनुभूति हो रही है कि इस कार्यक्रम को एक उत्सव की तरह पूरे राज्य में मनाया गया।

गणतंत्र दिवस जैसे स्वर्णिम अवसर पर हम सब अपनी प्रतिज्ञा को पुनः दुहराएं कि हम देश को वास्तव में विकसित करने के लिए खुद को पूर्ण रूप से समर्पित करेंगे। यहाँ यह चिंता सहित उल्लेख करने का विषय है कि हमारे निरंतर प्रयासों के बाद भी हमारा देश गरीबी, निरक्षरता, बीमारी, कुपोषण, अपर्याप्त आवास और बेरोजगारी आदि जैसी चुनौतीपूर्ण समस्याओं से जूझ रहा है। साथ ही देश को मनुष्य द्वारा निर्मित बुराइयों का भी सामना करना पड़ रहा है जैसे आतंकवाद, हिंसा, उग्रवाद, साम्प्रदायिकता, नारियों पर अत्याचार आदि जो हमारे देश की राष्टीª एकता और आर्थिक उन्नति के लिए एक बहुत बड़ा खतरा है। हमारा यह कर्तव्य है कि हम लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों में एकबार पुनः विश्वास जगाएं और अपने देश को इन समस्याओं से मुक्त कर सकें। इसके लिए प्रत्येक नागरिक का योगदान बहुत महत्वपूर्ण है। इन बुराइयों को भय और ताकत से नहीं बल्कि सकारात्मक विचारों से समूल नष्ट किया जा सकता है।

देवियों और सज्जनों:

मनुष्य के निर्माण में नैतिक शिक्षा एक ऐसा प्रभावी उपकरण है जो हमें इन समस्याओं का सामना करने में मदद कर सकता है। हमारे सांस्कृतिक समाज की शिक्षा में सार्वभौमिक और शाश्वत मूल्यों को बढ़ावा देना चाहिए। इस तरह की नैतिक शिक्षा व्यक्ति में मानवीय गुणों की प्रस्थापना कर हिंसा, अतिवाद, अन्धकारवाद, धार्मिक कट्टरता, और अन्धविश्वास जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करेगी। यह समय की आवश्यकता है कि शिक्षा प्रणाली को भारतीय मूल्यों और परंपरा के ख़ज़ाने से प्रकाशवान किया जाए। मुझे खुशी है कि गोवा सरकार नैतिक शिक्षा को गंभीरता से पाठ्यक्रम में शामिल करने की योजना बना रही है।

मित्रों:

प्रौद्योगिकी में उन्नति के साथ गुणवत्ता और कम समय में बेहतर परिणाम की आकांक्षा बढ़ी है। इसीलिए प्रत्येक जनसेवक की, उसके पद और प्रतिष्ठा के परे इस शासन प्रणाली में विशेष भूमिका है। मैं चाहती हूँ हर अधिकारी इस चुनौती को स्वीकार करे और सभी सेवाओं को सुनियोजित तरीके से शीघ्रतापूर्वक जनता तक पहुँचाएं। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की राशि तिजारी में रहे पानी में जाए। अधिकारियों को कुएं की भूमिका में रहकर प्यासे यानी जरूरतमंद जनता के पास जाना चाहिए। यह सच है कि प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने भारत सरकार एवं गोवा सरकार की योजनाओं को गोवा में सुचारू रूप से लागू किया है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि यदि सब मिलकर एकता और प्रतिबद्धता की भावना से कार्यरत होंगे तो राष्ट्र पूर्ण रूप से प्रगति और समृद्धि प्राप्त कर सकता है।

मेरा यह अनुभव आया है कि गोवा की संवेदनशील सरकार शिक्षा और चिकित्सा, दोनों ही क्षेत्रों में बेहतर सुधार लाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास कर रही है। प्रगति और समृद्धि के पथ पर निश्चित ही यह एक कठिन यात्रा है, जिसमें सभी नागरिकों के समर्थन की बहुत आवश्यकता है।

 

देवियों और सज्जनों:

हम जानते हैं कि शिक्षा, सामाजिक परिवर्तन और राष्टीª विकास में सबसे महत्वपूर्ण साधन है। मैं स्वयं एक अध्यापिका रही हूँ इसलिए शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए शिक्षकों की क्या भूमिका है इसका अंदाज़ा मुझे है। शिक्षक मात्र अक्षर और अंक की शिक्षा देकर व्यक्ति को रोजगारोन्मुख नहीं बनाता वरण, विद्यार्थियों में हर चुनौतियों से लड़ने एवं समाज राष्ट्र को संवेदनशील बनाने की क्षमता भी भरता है। शिक्षित समाज को लोगों की समस्याओं और सामाजिक बुराइयों के प्रति विशेष संवेदनशीलता दिखानी चाहिए

मित्रों:

गोवा विश्वविद्यालय शिक्षण, अनुसंधान और अन्य व्यापक सुविधाएँ प्रदान करके सुचारू ढंग से अपने उद्देश्य को पूरा कर रहा है। मुझे प्रसन्नता है कि गोवा विश्वविद्यालय शैक्षणिक और व्यवसायिक प्रगति के लिए ग्रामीण इलाके में शैक्षिक रूप से पिछड़े और वंचित समुदायों को पर्याप्त सुविधाएँ उपलब्ध करा रही है।

मुझे गर्व महसूस हो रहा है कि हमारा राज्य विभिन्न शिक्षण संस्थानों के साथ अब शैक्षणिक केंद्र बनने जा रहा है। साथ ही इस वर्ष युवाओं के लिए नोबेल पुरस्कार शृंखला की मेज़बानी कर रहा है। नोबेल पुरस्कार विजेताओं और अन्य विज्ञान विशेषज्ञों की मौजूदगी में ज्ञान वितरण निःसंदेह ही हमारे छात्रों को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। गोवा चिकित्सा सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी तेजी से प्रगति कर रहा है। मुझे खुशी है कि गोवा राज्य इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा दक्षिण गोवा में 500 बिस्तरों वाले जिला अस्पताल का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है और यह मई 2018 तक पूरा हो जाने की संभावना है। वर्ष 2017-2018 के दौरान चिम्बेल में एक नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया गया है।

मित्रों:

राष्ट्रीय मुद्दों में महिलाओं की महत्वपूर्ण स्थिति है। हमारा संविधान पुरुषों और महिलाओं को समान अधिकार देता है। हालांकि, मैं यह कहने के लिए बाध्य हूं कि, हमारे देश में लागू किए गए विभिन्न सामाजिक आंदोलनों और कानूनों के बावजूद, महिलाओं के चतुर्दिक विकास के लिए परिस्थितियां अभी भी अनुकूल नहीं हैं। महिला सुरक्षा हमारे समाज के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। यदि हम अपने राष्ट्रीय जीवन में एक बड़ा बदलाव चाहते हैं तो हमें महिलाओं को समाज में उचित स्थान देना होगा। मुझे यह जानकार प्रसन्नता हो रही है कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने एक सम्मलेन में एक रिपोर्ट जारी की जिसके अनुसार पाया गया है कि भारत में गोवा महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित राज्य है। सुरक्षा मापदंडों पर गोवा पहले नंबर पर है, यह हमारे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि गर्व का विषय है।

मैंने गोवा सरकार सेरक्षकऔरविजयिनीपुरस्कार देने का सुझाव दिया। साथ ही मीडिया में इसके लिए विज्ञापन प्रकाशित करने का निर्देश भी।रक्षकपुरस्कार उन बहादुर पुरूषों को सम्मानित करेगा जिन्होंने सामाज-विरोधी तत्वों द्वारा अत्याचार का सामना करने वाली महिला की रक्षा की, “विजयिनीपुरस्कार उन बहादुर महिलाओं के लिए जो विपरीत परिस्थितियों में झुकने की बजाय अत्याचारों के खिलाफ खड़ी हुईं और समाज के ऐसे नकारात्मक तत्वों को एक सशक्त और कठोर संदेश दिया।

देवियों और सज्जनों:

मुझे यह कहते हुए बहुत प्रसन्नता हो रही है कि गोवा के लोग निरंतर शांति और सद्भाव की समृद्ध परंपरा को संरक्षित करते रहे हैं। गोवा सरकार, समाज-विरोधी तत्वों और अपराधियों से निपटने के लिए त्वरित, प्रभावी और सतर्क कार्यवाही में अग्रसर है। जहां तक आतंकवादी खतरों का संबंध है, सुरक्षा एजेंसियां सतर्कता बनाए रखने और राष्ट्र-विरोधी और उग्र बल के किसी भी बुरे आपदा को विफल करने के लिए तैनात हैं। मैं गोवा के नागरिकों से आग्रह करती हूं कि वे अप्रिय घटनाओं और अपराधों को रोकने में मददगार हों।

गोवा केवलखाने, पीने और मौज-मस्ती के लिए नहीं है यह समृद्ध संस्कृति का रक्षक और नियमित प्रयोग भूमि है। गोवा शांति का स्थल है। इस समृद्ध परंपरा को बनाए रखने के लिए सारा श्रेय राज्य के नागरिकों को जाता है। गोवा में सामाजिक सौहार्द उच्च कोटि का है। इस राज्य में सैलानियों के लिए कई आकर्षण हैं। दुनिया के विभिन्न हिस्सों के लोग यहां आते हैं और प्राकृतिक सौन्दर्य और सांस्कृतिक प्रवाह का आनंद उठाते हैं। हमें इन सभी विशेषताओं को बनाए रखना चाहिए जिससे हमारे पर्यटकों की यात्रा सुखद, मनोरंजक और यादगार रहे। सरकार ने यहाँ के विभिन्न पर्यटक स्थलों को उन्नत और सुसज्जित किया है। गोवा के तटीय इलाके में बुनियादी सुविधाएं बनाने के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय नेस्वदेश दर्शन योजनाके तहत कोस्टरी सर्किट परियोजना को मंजूरी दी है। सरकार ने पर्यटकों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सभी समुद्र तटों और दो स्थानों, मायम लेक और दूधसागर झरने पर जीवनरक्षक सेवाएं प्रदान की हैं। गोवा पर्यटन ने दो पुरस्कार जीते हैं, एक सूचना प्रौद्योगिकी के सबसे नवीन उपयोग के लिए और दूसरा सर्वश्रेष्ठ राज्य व्यापक पर्यटन विकास के लिए, यह बेहद प्रसन्नता की बात है।

यहाँ पर्यटन भले ही कई लोगों को आजीविका का स्रोत प्रदान करता है और राज्य के लिए राजस्व अर्जित करता है, फिर भी इसके साथ ड्रग या नशीले पदार्थों का व्यापार और सेक्स पर्यटन या मानव तस्करी की दो समस्याएं भी गई हैं। सरकार इन चुनौतियों से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है। हाल ही में, मैंने राज्य में नशीली दवाओं के दुरुपयोग और मानव तस्करी के बारे में एक समीक्षा बैठक की और विभिन्न अधिकारियों द्वारा इन बुराइयों से मुक्ति के लिये जो प्रयास किये जा रहे हैं उनका ब्यौरा लिया। मुझे खुशी है कि स्वैच्छिक संगठन भी इन बुराइयों से निपटने में सरकार की सहायता कर रहे हैं। मैं आशा करती हूँं कि गोवा की ऐतिहासिक विशेषताओं और वर्तमान उपलब्धियों के बीचचावल में कंकड़के समान आई इन कुरीतियों को जनता और सरकार के सामूहिक प्रयास से चुन कर बाहर किया जा सकता है। गोवावासियों के लिए प्रसन्नता की बात है कि यहाँ हर वर्ष राज्य के कला एवं संस्कृति मंत्रालय द्वारालोकोत्सवका आयोजन किया जाता है, जिसमें देश के सभी राज्यों के लोककला एवं हस्तशिल्पों का प्रदर्शन होता है। यह उत्सव राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाता है।

मित्रों:

गोवा एकमात्र ऐसा राज्य है जिसमें समान नागरिक संहिता लागू है जो धर्म, जातीयता और भाषाई संबंधों के बावजूद सभी नागरिकों के अधिकारों को नियंत्रित करती है। मैंने गोवा के लोगों पर समान नागरिक संहिता के प्रयास और प्रभावों को समझने के लिए एक अध्ययन किया और यह निष्कर्ष निकाला की गोवा में महिलाओं की स्थिति, देश के अन्य राज्यों की महिलाओं से बेहतर है। जहाँ अन्य क्षेत्र समान नागरिक संहिता को अपनाने के मुद्दे पर आज भी बहस कर रहे हैं, वहीं गोवा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना को सफलतापूर्वक साकार करने में अग्रणी रहा है। गोवा समाज में शांति और सद्भाव पर इसका ही प्रभाव हैै।

राष्ट्रीय स्मार्ट शहरों की चुनौती के तहत चयनित 100 शहरों में से एक पणजी शहर भी है। गोवा सरकार अपनी विरासत और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखते हुए शहर की उपलब्धियांे को तेज़ी से उन्नत करने का प्रयास कर रही है। मुझे खुशी है कि स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतरतगत सरकार 2020 तक पणजी को सोक पिट (गड्डे मुक्त) मुक्त बनाने का लक्ष्य बना रही है। साथ ही यह भी सुनिश्चित करेगी की हर घर, वाणिज्य प्रतिष्ठान सीवरेज सिस्टम से जुड़ा रहे।

देवियों और सज्जनों:

सरकार 2019 तक गोवा को कचरा और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ग्राम पंचायतों को प्लास्टिक के कचरे के खतरे से निपटने के लिए अर्थात प्लास्टिक कचरा मुक्त बनाने के उद्देश्य के लिए वित्तीय सहायता दे रही है। सरकार के कठोर प्रयासों के बावजूद, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर बिखरा हुआ कचरा देखना बेहद निराशाजनक है, और यह हमारी बुरी आदतों के कारण ही है। सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा रखने की स्वयं का संकल्प, ‘‘मैं गंदगी करूँगी, किसी को गंदगी करने दूँगी’’, एक छोटी सी आदत स्वच्छ गोवा बनाने में योगदान दे सकती है।

देवियों और सज्जनों:

स्वच्छता अभियान के लिए माननीय प्रधान मंत्री जी द्वारा नामांकित दूत होने के नात, मैं लोगों में साफ सफाई के प्रति जागरूकता और इस अभियान में पूर्ण उत्साह से भाग लेने की आवश्यकता पर विशेष जोर देती आई हूँ। मैं इस संबंध में विभिन्न हितधारकों के साथ बातचीत करती रही हूँ और उन्होंने कई स्वच्छता अभियान शुरू किए हैं, स्कूलों और कॉलेज के छात्रों के साथ रैलियां की हैं और अभी तक हमें इस प्रयास में लोगों का भारी योगदान हासिल हुआ है।

आज इस पावन अवसर पर मैं पुनः समाज के सभी वर्गों से स्वच्छता अभियान में समर्थन के लिए आग्रह करती हूँ, मैं चाहती हूँ आप सभी लोग दृढ़ संकल्प, प्रतिबद्धता और पूर्ण लगन से इस अभियान में हमारा सहयोग करें।

मित्रों:

हाल ही में राजभवन में आयोजित गोवा लिबरेशन डे रिसेप्शन के अवसर पर उत्तर और दक्षिण गोवा के दो सबसे स्वच्छ गाँव को मेरे विवेकाधीन राशि से पचास पचास हजार रूपए का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मैं सभी लोगों से आग्रह करती हूँ कि वे भी स्वच्छ आदतें अपनाकर, स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।

मैं समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचने और राज्य के प्रशासन में सकारात्मक हस्तक्षेप करने की कोशिश कर रही हूँ। हाल ही में मैंने कैदियों में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए बर्देज़ में कोल्वाले सेंट्रल जेल का दौरा किया और कैदियों के साथ बातचीत की। मैंने उनके सुधार और विकास के लिए उन्हें प्रदान की गई विभिन्न सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। मैंने कैदियों को चरखा चलाना शुरू कराने का सुझाव दिया है और यह भी सुझाव दिया है कि, राज्य सरकार को कैदियों के लिए कौशल उन्नयन और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों पर ध्यान देना चाहिए जिससे कैद से छूटने पर वे सामाजिक मुख्यधारा में बेहतर रूप से पाएं। मैं कारागार की साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं से संतुष्ट हुई।

हाल ही में मैंने सेंगुएम तालुका में धनगर समुदाय से मिली। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के साथ बातचीत की और उनकी मांग और शिकायतें सुनी। मैंने धनगर समुदाय और अन्य जनजातियों के लिए आजीविका के अतिरिक्त स्रोत के रूप में चरखा चलाने, मिट्टी के बर्तनों के निर्माण और मधुमक्खी पालन का सुझाव दिया है। गोवा सरकार अनुसूचित जनजातीय लोगों के संवैधानिक अधिकारों और उनके कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा खादी के काम को प्रचारित-प्रसारित करने और विभिन्न योजनाओं को पूरे गोवा में लागू करने का कार्य शुरू किया जा चुका है।

देवियों और सज्जनों:

हालांकि गोवा विश्व के नक्शे पर एक छोटा-सा बिंदु है, लेकिन गोवा ने अपनी उप्लब्धियों से पूरे विश्व में एक विशिष्ट पहचान बना दिया है। हाल ही में हमें सूचना मिली कि गोवा की सुएला फर्नांडीस को यूनाइटेड किंगडम के सरकार में एक मंत्री के रूप में नियुक्त किया है। मुझे खुशी है कि हमारे राज्य की मालाइका वाज को केन्द्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय युवा पुरस्कार प्रदान किया गया है। अपने राज्य और देश को गौरवांतित करने के लिए गोवा के सभी क्षेत्रों के विजेताओं को उनकी उपलब्धियों के लिए इस सुअवसर पर दिल से बहुत-बहुत बधाइयाँ देती हूँ।

मित्रों, जैसा कि मैंने पहले कहा था, आज हम अपने गणतंत्र के नए साल में नई शुरुआत, नई उम्मीदें और नई संभावनाओं के साथ प्रवेश कर रहे हैं। आइए! हम अपने आप को पुनः राष्ट्र को समर्पित करें और अपनी मातृभूमि की गरीमा बढ़ाने का प्रयास करें।

एक बार फिर से, मैं आपको गणतंत्र दिवस पर अपनी शुभकामनाएं देती हूँ। मैं आशा करती हूँ कि इस ऐतिहासिक दिन का उत्सव सफल हो। बहुत बहुत शुभकामनाएँ

जय संविधान, जय गोवा, जय-जय भारत, जय हिन्द!